स्टेरॉयड्स के 10 साइड इफेक्ट्स

दोस्तों आज हम अपने इस ब्लॉग में स्टेरॉयड्स से होने वाले 10 हानिकारक प्रभावों के बारे में आप सभी को बताएंगे। आईये तो सबसे पहले यह जाने कि स्टेरॉयड्स क्या और कितने प्रकार के होते है। स्टेरॉयड्स एक प्रकार के होर्मोनेस होते जिन्हें कृतिम रूप से लेबोरेटरी में चिकित्सीय इलाज करने हेतु बनाया गया था। स्टेरोईड्स 2 प्रकार के होते है- (1) एनाबोलिक स्टेरॉयड और (2) कर्टिको स्टेरॉयड।
स्टेरॉयड्स के 10 साइड इफेक्ट्स
ये एनाबोलिक स्टेरॉयड्स ही होते है जिन्हें एथलीट्सअपनी मसल्स बनाने और शक्ति बढ़ाने के काम में लेते है। आमतौर पर देखा गया है की बॉडी बिल्डर्स अपनी मसल्स बनाने के लिए स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल करते है। डॉक्टर द्वारा स्टेरॉयड्स केवल किसी प्रकार की अंदुरुनी चोट, मासपेशियों को ठीक करने के लिए लिखे जाते है।
  
एथलीट्स जिस एनाबोलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते है वह मेल हॉर्मोन – टेस्टोस्टेरॉन का कृतिम रूप ही होता है। यह हॉर्मोन प्राकर्तिक रूप से पुरुषों और महिलाओं दोनों में होता है। जब भी कोई खिलाड़ी एनाबोलिकस्टेरॉयड लेता है तो शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे शरीर में शक्ति और एनर्जी आ जाती है लकिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ने से शरीर में कई दुष्प्रभाव भी होते है। बिना डॉक्टर की अनुमति के स्टेरॉयड लेना गैर क़ानूनी है और खेलों में तो यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
  
आईये तो जानते है स्टेरॉयड के वो 10 साइड इफेक्ट्स के बारे में जिन्हें खुद डॉक्टर्स भी बताते है- 
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #1:  शरीर में जब टेस्टोस्टेरॉन का स्तर बढ़ने लगता है तो इसके फलस्वरूप चेहरे पर मुँहासे होने लगते है।
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #2:  जब शरीर में हॉर्मोन्स का स्तर गड़बड़ा जाता है तो वह जॉन्डिस जैसी बीमारी का रूप भी ले लेता है।  
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #3:  हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ने की वजह से दोनों पुरुषों और महिलाओं के सिर के सारे बाल झड़ सकते है।  
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #4:  इसके कारण ह्रदय गति असामान्य, तेज और अनियमित हो सकती है जिसकी वजह से हार्ट अटैक भी आ सकता है। 
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #5:  हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ने की वजह से शरीर के हिस्से जैसे लिवर में कैंसर के जीवाणु पैदा हो सकते है जो लिवर कैंसर जैसी घातक बीमारी को जन्म दे सकते है।  
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #6हॉर्मोन के असंतुलन की वजह से इंसान में मूड स्विंग जैसी बीमारी हो सकती है।
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #7:  हॉर्मोन्स का प्राकर्तिक स्तर बढ़ने से पुरुषों में शुक्राणु की कमी आ सकती है और उसके स्पर्म काउंट कम हो सकते है। जो आगे चल कर व्यक्ति के शारारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
  
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #8:  इसी प्रकार का असंतुलन की वजह से पुरुषों में नपुंसकता आ सकती है। जो उनके वैवाहिक संबंधों में दरार डाल सकती है।
  
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #9:  हॉर्मोन्स का प्राकर्तिक स्तर बढ़ने से महिलाओं में चहरे पर बाल आना जैसी अप्राक्रतिक स्तिथि भी आ सकती है। 
स्टेरॉयड के साइड इफ़ेक्ट #10:  हॉर्मोन्स का प्राकर्तिक स्तर बढ़ने से महिलाओं की आवाज में भारीपन व आवाज का बदल जाना जैसा भी हो सकता है।
  
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