आखिर कितनी चाय बहुत ज्यादा चाय है?

कितनी चाय बहुत अधिक हो जाती है

हम सब भारतीयों का मनपसंद और सबसे ज्यादा पीया जाने वाला पेय पदार्थ चाय आमतौर पर दुनिया में Tea के रूप में जानी जाती है जिसको दुनिया भर के लोग पसंद करते है। जब भी बात हो दिन भर की थकान की या फिर सिर में हो रहे दर्द को दूर करने की, आप और हम हमेशा चाय का दूसरा कप पीने को हमेशा तैयार रहते है।

चाय

आपको यह जानकार आश्चर्य होगा की बहुत सारे लोग तो अपना सारा दिन चाय की थड़ी पर निकाल देते है, हाँ यह जरूर है कि पूरे दिन की चर्चा का निष्कर्ष शायद ही कभी निकलता हो! चाय हमारे शरीर को एक तरह से फिर से काम पर जुटने की नयी ऊर्जा और मन को उत्साहित करती है। लेकिन जैसा सभी जानते है अति चाहे किसी भी चीज को हो नुक्सानदायक होती है फिर वो चाय के गरमा-गर्म प्याले ही क्यों न हो।

चाय के दुष्प्रभाव

हमारा यह आर्टिकल उन सभी लोगों के लिए समर्पित है जो यह जानते हुए भी की ज्यादा चाय नुक्सान करती है दुसरे या फिर तीसरे चाय के कप को मना नहीं कर पाते है। हम यहाँ चर्चा करेंगे की कितनी चाय बहुत अधिक हो जाती है और उसके दुष्प्रभाव हमें सेहतमंद स्वास्थय को किस प्रकार प्रभावित करते है।

आखिर कितनी चाय बहुत ज्यादा हो जाती है

कितनी चाय अधिक होती है

चाय में मौजूद कैफीन की मात्रा उसकी दूसरी तरह की चाय से अलग करने की विशेषताएं करने के साथ ही चाय की मात्रा पर भी निर्भर करती है। औसतन एक कप चाय की प्याली में 20-60 मिली ग्राम प्रति 100 मिली लीटर कप कैफीन होती है। अमूमन यह सलाह दी जाती है कि 3 कप चाय के से ज्यादा नहीं पीना चाहिए। 

अधिक चाय पीने के दुष्प्रभाव

आयरन की कमी होना

Tannin जो कि चाय में पाया जाने वाला रसानयिक पदार्थ है, अधिक मात्रा में लेने से हमारे शरीर की आयरन को सोख लेने की क्षमता को कम कर सकती है जिसके फलस्वरूप स्वस्थ्य शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और साथ ही उससे जुडी हुई अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियाँ भी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिक मात्रा में चाय पीने से किसी व्यक्ति की 60 प्रतिशत तक आयरन को अब्सॉर्ब करने की क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से आदमी ऎनेमिक हो सकता है। 

शरीर में दवाइयों का असर कम हो जाना

दवाइयों का असर कम हो जाना

बहुत ज्यादा चाय पीने से एंटीबायोटिक्स का असर कम या फिर ना के बराबर हो जाता है। अधिक चाय पीने से कैंसर पेशेंट्स को दी जाने वाली कीमोथेरेपी की दवा का असर कम होने लगता है। इसके साथ ही कुछ केस में गर्भनिरोधक और नींद की दवाइयों का असर भी कम हो जाता है।

चक्कर आना या Dizziness   

चक्कर आना

कभी-कभी ज्यादा चाय पीने से भी चक्कर आने लगते है या फिर शिरोभ्रमण की शिकायत होने लगती है। यह शिकायत तब होती है जबकि आपके शरीर के अंदर कैफीन की मात्रा 400-500 मिली ग्राम तक हो जाती है। यह शिकायत अभी उन लोगों को भी होने लगती है जिन्होंने कम मात्रा में चाय पी लेकिन उनका स्वाभाव नाजुक हो या फिर किसी प्रकार की चिंता से पीड़ित होते है। 

गर्भावस्था से जुडी परेशानियाँ

गर्भावस्था से जुडी परेशानियाँ

ज्यादा चाय पीने से कैफीने गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था से जुडी कई तरह दिक्कतें पैदा कर सकता है जैसे अबॉशन, miscarriages या फिर कमजोर व कम वजन के बच्चे का जन्म। अतः गर्भवती महिलाओं को दिन भर में 3-4 कप चाय के से ज्यादा नहीं लेना चाहिए।

सीने में जलन / एसिडिटी

एसिडिटी होना

कुछ लोगों को यदि दिन भर में चाय बहुत अधिक बार पी लेने से एसिडिटी या फिर सीने में जलन होने की शिकायत होने लगती है। इस अवस्था में आपका शरीर के अंदर एसिड का लेवेल बढ़ने लगता है और स्वास्थ्य ख़राब होने जैसा लगने लगता है। इसलिए यदि किसी को एसिडिटी की प्रॉब्लम रहती है तो सबसे अच्छा तरीका यह है की आप चाय पीने से पहले 1-2 गिलास पानी के पी ले, जिससे शरीर के भीतर एसिड का लेवेल ना बढ़ने पाए। 

स्त्रोत्र

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