अपने दाँतों को रखे स्वस्थ्य 8 प्रकार से

दाँतों को अच्छी तरह से ब्रश करे

हम यहाँ बता रहे है 8 जरुरी टिप्स जिनसे आप रख सकते है अपने दाँतों को साफ़, स्वस्थ्य और सेहतमंद उस समय जबकि आप अपने डेंटिस्ट के पास नहीं जा पा रहे हों। जैसा की हम सभी यह जानते है कि कोविद के बढ़ते हुए केसों ने पूरे भारत में सामान्य जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

रखे अपने दाँतों को स्वस्थ्य

जब भी हम अपने घरों से बाहर निकलते है तो कोरोना वायरस से ग्रसित होने कि आशंका हमेशा मन में बनी रहती है। सभी लोग यह प्रयास कर रहे है कि ज्यादा भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों व कार्यक्रमों जहाँ कोरोना वायरस से संक्रमित होने कि अधिक संभावना है जैसे कि बुनियादी स्वास्थय सेवा से जुडी हुई नियमित डॉक्टर चेकउप करवाने, डेंटिस्ट के पास जाने को कुछ समय आगे के लिए टाल रहे है। यह भी संभव है कि डेंटल क्लिनिक बंद हो या फिर कन्टेनमेंट जोन होने के कारण लोगों में भय व्याप्त हो।

सही पेस्ट का इस्तेमाल

अतएव इस समय जबकि आप किसी प्रकार कि दाँतों से जुडी हुई परेशानी जैसे मसूड़ों से खून आना, दाँतों में दर्द या फिर सांसों की बदबू से परेशान हो और यह अनिश्चित हो की जन जीवन की स्थिति कब सामान्य होगी। उस वक्त आपके पास केवक अपने घर पर ही इन सभी दाँतों से जुडी हुई समस्यों को हल करने का विकल्प सामने हो, तब उस स्थिति को सफलतापूर्वक अपने हाथों से पूरा करने के हम आपके लिए लाये है वो 8 जरुरी टिप्स जिनसे आप रख सकते है अपने दाँतों को साफ़, स्वस्थ्य और सेहतमंद। 

1. दाँतों को अच्छी तरह से ब्रश करे

दाँतों को अच्छी तरह से ब्रश करे

दाँतों के ऊपर प्लाक जमने और मसूंडों से खून आने से बचने के लिए सबसे जरुरी काम है की हम अपने दाँतों को नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करे। जल्दबाजी में ब्रश करने से आप अपने मसूड़ों की जड़ों को हानि पंहुचा सकते है जिसकी वजह से उन में दर्द भी शुरू हो सकता है। इन सभी से जुडी आधारभूत परेशानियों से बचने के लिए हमें ब्रश करने के सही तरीके को सीखना और जानना पड़ेगा। ब्रश हमेशा हलके हाथों से गोलाकार व ऊपर से नीचे ले जाते हुए धीमी गति से करना चाहिए जिससे प्लाक जमने नहीं पाए। यह भी ध्यान रहे कि कम से कम 2 मिनट तक एक ही स्थान पर ब्रश करे।

2. डेंटल फ्लॉस

डेंटल फ्लॉस

ब्रश करने के बाद फ्लॉस करने की आदत डाले। डेंटल फ्लॉस की प्रक्रिया में हम एक सिल्क का धागे का टुकड़ा लेते है और फिर उसको अपने दाँतों के बीच की जगह से अंदर-बाहर करते है जिससे वे सभी महीन कण जो हमारे दाँतों के बीच फस जाते है और हमारे नियमित ब्रश करने पर भी नहीं निकलते है, वे सभी फ्लॉस करने से निकल जाते है। इन्ही दाँतों के बीच में फसे हुए खाने के बारीक कणो के कारण सांसों की बदबू की परेशानी होती है।

3. जीभ को साफ़ करना नहीं भूले

जीभ को साफ़ करना 

जिस प्रकार हम सभी लोग अपने दाँतों की देखभाल करते है उसी प्रकार हमें अपनी जीभ की भी देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए आप चाहे तो बाजार में उपलब्ध टंग क्लीनर या फिर डेंटिस्ट द्वारा बताया गया टंग क्लीनर उपयोग में ले सकते है। इस महत्वपूर्ण काम को करने से भूलने पर आपकी जीभ के ऊपर सफेदी या प्लाक जम सकता है जो आगे चल कर साँसों की दुर्गन्द और भी अन्य बीमारियों को जन्म दे सकता है। इसके लिए आप चाहें तो आपने टूथ ब्रश को भी इस्तेमाल में ले सकते है। ब्रश करने के बाद बिना पेस्ट लगा हुआ ब्रश को धीरे-धीरे अपनी पूरी जीभ पर फेरे और जमी हुई सफेदी को निकाल देवे। 

4. माउथवाश से कुल्ला करना 

माउथवाश से कुल्ला करना

ध्यान रहे की हमेशा ब्रश करने के बाद किसी अच्छे माउथवाश से कुल्ला जरूर करें। यह आपके दाँतों को सफेद और मुँह के अंदर पाए जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को मार देता है। यह दाँतों के ऊपर जमने वाले टार्टर व प्लाक को भी हटाता है जिसकी वजह से Gingivitis जोकि एक मसूड़ों की बीमारी की प्रारंभिक अवस्था है को शुरू होने से रोकता है। 

5. पानी पीना

पानी पीना   

नियमित रूप से जरुरी मात्रा में पानी पीते रहने से आपकी दाँतों की सेहत और स्वास्थ्य हमेशा बढ़िया बना रहता है। जो आपके शरीर को भी सेहतमंद रखता है। पानी पीते रहने से हमारे मुँह के अंदर के कीटाणु पानी के साथ पेट में चले जाते है और हमारे दाँत स्वस्थ्य और साफ़ रहते है। पानी दाँतों का क्षय होना से रोकता और मुँह में लार बनने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखता है।

6. विटामिन-C ज्यादा मात्रा में लेना

विटामिन-C ज्यादा मात्रा में लेना

 

हमको ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन-C लेना है जिसमे एंटीऑक्सिडेंट्स होते है जो हमारे मसूंडों व दाँतों को सेहतमंद और स्वस्थ्य रखने में मदद करता है। विटामिन-C से भरपूर ताजे फलों जैसे संतरा, टमाटर और आवंला दाँतों को फिट रखते है। 

7. दाँतों के दर्द के लिए लौंग

दाँतों के दर्द के लिए लौंग

अगर आप किसी वजह अपने दाँतों में दर्द महसूस कर रहे है तो सबसे असरदार औषधि लौंग का उपयोग करे। इसके लिए आप चाहो तो 2-3 लौंग को सीधे दर्द वाले स्थान पर रख सकते है, यह काफी कारगर होता है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और अनेस्थेटिक जैसी विशेषताएं पायी जाती है जिसके कारण यह दाँतों सम्बन्धी सभी तकलीफे जल्दी ठीक कर पाता है। आप चाहे तो लौंग के तेल को भी काम में ले सकते है। 

8. संवेदनशील दाँतों के लिए पेपरमिंट टी-बैग

संवेदनशील दाँतों 

यदि आपके कोई दाँत या मसूड़ा संवेदशील है तो आप उसके लिए पेपरमिंट के टी-बैग्स को उपयोग में ले सकते है। यह सबसे बढ़िया घरेलू इलाज है इस तरह की परेशानी के लिए, जब आप दाँत या मसूड़े के दर्द से पीड़ित हो तब इसको गर्म पानी में डाल कर 5 मिनट तक उबाल ले फिर जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो दर्द वाली जगह पर लगाए। आप चाहें तो इस टी-बैग को फ्रीजर में रख कर भी काम में ले सकते है। यह तरकीब उस वक्त भी काम आ सकती है जब आपके मसूड़ों से खून निकल रहा हो और आपको उसको तुरंत रोकना हो। 

स्त्रोत्र